

एम्स के किच्छा में निर्माणाधीन सेटेलाइट सेंटर में नियुक्ति के नाम पर पैसे लेने और फर्जीवाड़े संबंधी मामले में पुलिस ने भाई-बहन व एम्स के आउटसोर्स कर्मचारी सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। एम्स के किच्छा स्थित निर्माणाधीन सेटेलाइट सेंटर में आउटसोर्स कंपनी के माध्यम से नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़े के आरोप में बीते बुधवार शाम को पुलिस ने भाई बहन और एम्स के आउटसोर्स कर्मचारी सहित पांच के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
एम्स के सेटेलाइट सेंटर किच्छा में नियुक्ति के नाम पर फर्जीवाड़े की जांच अब एम्स में काम कर रही आउटसोर्स एजेंसी राजदीप इंटर प्राइजेज के मैनेजर पर केंद्रित हो गई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में आउटसोर्स एजेंसी के मैनेजर सहित दो लोगों की भूमिका मुख्य मानी जा रही है।
मोहर लगाने के मिले थे निर्देश
बताया जा रहा है कि आउटसोर्स कंपनी की किसी महिला कर्मचारी ने पुलिस को दिए बयान मे बताया कि नियुक्ति पत्रों पर कंपनी की मोहर लगाई गई है। नियुक्ति प्रमाण पत्रों पर मोहर लगाने के लिए आउटसोर्स कंपनी के ही किसी प्रभावशाली व्यक्ति ने निर्देश दिए थे। हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं है। फिर भी यदि यह तथ्य सत्य है तो स्पष्ट है कि पूरे प्रकरण में आउटसोर्स एजेंसी के कर्मचारी ही मुख्य भूमिका में हैं।



