

“जब मौसम जीत गया: एक हिमालयी अभियान की साहस और विनम्रता की कहानी” 4,500 मीटर की ऊँचाई पर हवा जंगली जानवर की तरह गरज रही थी। बर्फ़ इतनी तेज़ गिर रही थी कि रास्ता दिखाई नहीं दे रहा था। हर कदम पहले से भारी होता जा रहा था। कई दिनों तक पहाड़ से जूझने के बाद हम रुक गए — शिखर पर नहीं, बल्कि अपनी सीमाओं के किनारे पर। हम चार पर्वतारोही — सुभजीत बनर्जी (अभियान नेता), अरुण नंदा, ममता जोश…



