

भीड़ापानी की पूजा पडियार ने ऐपण कला को दी नई पहचान हल्द्वानी। उत्तराखंड की पारंपरिक लोककला ऐपण जो कुमाऊं की सांस्कृतिक पहचान मानी जाती है। भीमताल विधानसभा के ओखलकांडा ब्लॉक के भीड़ापानी गांव की पूजा पडियार ने ऐपण कला को नई पहचान दी है। पूजा पिछले 20 वर्षों से ऐपण कला के संरक्षण और संवर्धन में जुटी हैं। आज उनके बनाए ऐपण डिजाइनों से सजे उत्पाद देश ही नहीं, विदेशों में भी सराहे जा रहे हैं। पूज…



