

बदरीनाथ मंदिर परिसर में 26 दानपात्रों को खोलकर करीब छह घंटे तक चढ़ावे की गणना की गई। इससे पहले दो जुलाई को गणना हुई थी।
बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे में दो जुलाई को सामने आए हेराफेरी प्रकरण के 13 दिन बाद बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच दोबारा दानपात्रों की गणना कराई गई। प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए। यह गणना बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी की निगरानी में संपन्न हुई।
बुधवार को मंदिर परिसर में स्थापित 26 दानपात्रों को खोलकर करीब छह घंटे तक चढ़ावे की गणना की गई। इस दौरान मंदिर को लगभग 28 लाख रुपये नकद, तीन किलो चांदी और करीब 40 ग्राम सोना प्राप्त हुआ। इससे पहले दो जुलाई को हुई गणना में मंदिर की आय लगभग 16 लाख रही थी।



